रायपुर । जैन हेल्प एंड केअर फाउंडेशन के JHC वेबिनार की साप्ताहिक श्रृंखला लगातार जारी है, इस सप्ताह के जैन हेल्पलाइन सेंटर व LAMP (लीगल अवेय...
रायपुर । जैन हेल्प एंड केअर फाउंडेशन के JHC वेबिनार की साप्ताहिक श्रृंखला लगातार जारी है, इस सप्ताह के जैन हेल्पलाइन सेंटर व LAMP (लीगल अवेयरनेस मिशन फ़ॉर पीपुल) द्वारा प्रस्तुत JHC ZooM Webinar में *देश के सुविख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ, अनुसंधानकर्ता, पद्मश्री डॉ पुखराज बाफना जी* ने वेबिनार के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य एवं अन्य विषयों पर जानकारी दी व छत्तीसगढ़, भारत के अलावा दुबई, UK ,USA से जुड़े लोगों के प्रश्नों का उत्तर भी दिया ।
इस आयोजन में *जैन हेल्पलाइन सेंटर, LAMP, के सहयोगी के रूप में उन्मुख किडशाला एकेडमी रायपुर, Jainar समूह कोलकाता, DV समाचार इंदौर, BJS छत्तीसगढ़, सर्वमंगल फाउंडेशन, CSG(छत्तीसगढ़ सोलजर्स ग्रुप) आदि संगठनों द्वारा "कोरोना की लहर और बच्चे"* विषय पर पद्मश्री डॉ पुखराज बाफना जी का वेबीनार रखवाया गया जिसके तहत बहुत से लोगों की कोरोना और बच्चों को लेकर जो प्रश्न थे उसका उत्तर दिया गया व विशेष जानकारी, समस्या व समाधान दिए जिससे वेबिनार अटेंड करने वाले शतप्रतिशत पालकों ने संतुष्टि के साथ JHC का आभार व्यक्त किया व डॉ बाफना की अनुमोदना कर धन्यवाद ज्ञापित किया ।
*लोगों के मन मे बच्चों को लेकर बहुत से प्रश्न थे जैसे ” बच्चों की डाइट कैसी हो? बच्चों को मोबाइल टीवी से दूर कैसे रखा जाए? बच्चों की इम्यूनिटी कैसे बढ़ाई जाए?कैसा होगा कोरोना की नई लहर का बच्चों पर असर? बच्चे का वजन कैसे नियंत्रित रखें? बच्चे का क्रोध, आक्रोश, चिढ़ कम कैसे करें? बच्चों के आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं? covid-19 के कहर से बच्चों को कैसे सुरक्षित रखें ? बच्चों में जागरूकता किस प्रकार लाएं? क्या बच्चें बाहर खेलने जाएं या नहीं? घर में शादी है बच्चों को कैसे सुरक्षित करें? ऐसे प्रश्नों के अलावा एक दो पेरेंट्स ने बच्चों को वेबिनार में लाइव ही दिखा कर उपचार पूछा .....*
इसके जवाब में डॉ बाफना ने बताया कि “हमें बच्चों को ऐसा भोजन देना है जिसमें विटामिन सी आयरन प्रोटीन युक्त हो। अगर नवजात शिशु या उसकी मां किसी को भी कोरोना हो गया हो तो दोनों को एक दूसरे से अलग नहीं करना है क्योंकि बच्चे के लिए मां का दूध सबसे बड़ी आवश्यक्ता होने के साथ गुणकारी, लाभकारी व अमृत होता है , जिससे कि बच्चे की बॉडी में इम्यूनिटी अच्छी होती है। साथ ही बच्चों को कोरोना के लक्षण व सावधानी के बारे में इस प्रकार जानकारी देनी चाहिए के वे सजग रहें भयभीत नहीं, सरलता से खेल खेल में बच्चों को हैंड वाश, मास्क, सोशल डिस्टेंस सिखाएं और यह तभी सम्भव होगा जब पैरेंट्स व परिवार स्वयं पालन करे, बच्चे जल्द वह सीखते हैं जो वह देखते हैं, सो घर परिवार के माहौल के अनुसार असर पड़ता है, बच्चों को बताना होगा हम कैसे सुरक्षित रह सकते हैं । डॉ बाफना ने कहा कि अगर बच्चे छोटे हैं 1 साल से 5 साल के हैं और वह मास्क नहीं लगाते हैं तो घर में पेरेंट्स को , फैमिली मेंबर्स को मास्क लगाना चाहिए तथा वह सारे रूल फॉलो करने चाहिए जिसे देखकर बच्चे भी फॉलो करें। आप कितना टी वी देखते हैं, आप कितना क्रोध करते हैं, आपका व्यवहार कैसा है, आपकी दिनचर्या, रूटीन आदि यह सब बच्चा देखता है जैसा घर वाले करते हैं, जैसा आस पास का वातावरण होता है बच्चे वही सीखते हैं इसलिए सार यह है कि पेरेंट्स व परिजन स्वयं अच्छी सीख दें स्वयं का अनुसरण करने योग्य ही कार्य करें, आपका बर्ताव ही आपका परिचय है, आचरण से जिस प्रकार चरित्र प्रदर्शित होता है उसी प्रकार हमारे प्रत्येक कदम को बच्चे देखते व अनुसरण करते हैं । आप स्वयं कम मोबाइल उपयोग करें, मोबाइल गेम्स न खेलें न रखें , आउटडोर गेम बच्चों के साथ खेलें, बच्चों के शरीर व मन को मजबूती देने वाले प्रभावी कार्य करें आदि टिप्स के साथ विशेषज्ञ ने अनुभव शेयर किए ।
बच्चों पर कोरोना के क्या मेन्टल इफ़ेक्ट पड़ते है इसका जवाब देते हुए उन्होने बताया की …
इस महामारी के दौर पर बच्चे घर से बाहर नहीं जा रहे हैं तथा कोई भी एक्टिविटी बाहर नहीं कर रहे हैं जिसका असर उनकी हेल्थ पर मन पर तथा दिलो दिमाग पर पड़ रहा है , बच्चा घर में चार दीवारों के बीच ही है ना दोस्तों से मिल पा रहा है । ना कोई सोशल एक्टिविटी हो पा रही है जो कि बच्चों की मेंटल हेल्थ पर बहुत इफेक्ट करता है। इसके लिए बच्चों को छत पर एक्साइज कराना चाहिए, योगा कराना चाहिए तथा भागदौड़ वाले खेल बच्चों को छत में, आंगन, पोर्च आदि में खिलाना चाहिए । जिससे उनकी एक्टिविटीज होती रहेंगी। साथ ही मां बाप को भी बच्चों को टाइम देना चाहिए उनकी बातें सुननी चाहिए उनके साथ वक्त बिताना चाहिए तथा उनके साथ खेल में भाग लेना चाहिए ताकि बच्चे के दिमाग में मन में जो चल रहा है वह बच्चा अपने पेरेंट्स से शेयर करें।
उक्तानुसार बहुत से प्रश्नों के जवाब देते हुए उक्त सफल वेबिनार संचालित हुआ डॉ बाफना जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी होने के साथ सम सामयिक विषयों के अलावा अध्यात्म, धर्म, व्यक्त्तिव विकास, स्किल डेवलपमेंट, मेडिकल, सृजनात्मक हर क्षेत्र का ज्ञान रखते हैं अपने रिसर्च व ज्ञान को जन जन की सेवा हेतु समर्पित करें व वेबिनार हेतु समय देने सहमति दी है, जिसके साथ ही JHC की टीम ने भी डॉ बाफना व अन्य विशेषज्ञों के साथ प्रतिमाह एक से दो वेबिनार *" JHC स्वास्थ्य मंत्र व जीवन तंत्र"* विषय पर करने का निश्चित किया है ।
JHC के संयोजकद्वय ने बताया कि जो उक्त 2 घण्टे चले वेबिनार से नहीं जुड़ पाएं है व जिन्हें भी डॉ बाफना के द्वारा दिये उदबोधन व प्रश्नों के उत्तर देखने जानने हों वे जैन हेल्पलाइन सेंटर के फेसबुक पेज पे वीडियो/ ZooM वेबिनार को देख सकते हैं जिसकी लिंक भी JHC ने शेयर की है ।
https://fb.watch/5Od0eXmdWC/
जैन हेल्प एंड केअर फॉउंडेशन द्वारा निरंतर जन जन की सेवा हेतु नए आयाम स्थापित कर रही है । वेबिनार की श्रृंखला में अगला वेबिनार शनिवार 05 जून को शाम 7 बजे राज्य महिला हेल्पलाइन 181 प्रभारी मनीषा तिवारी जी का वेबिनार रखा गया है जिसका विषय है- *कोरोना आपदा एवं महिलाएं: जिम्मेदारियां व चुनौतियां*
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